As I have completed my graduation this year and may be so many of you too.
We Experienced lot of new things in college and enjoy it also but the thing is that nothing gonna take the place of our school days. The time we spend in our school is something that is very close to our heart.
Yes it's true that we all miss our school time, We all miss our childhood days.
That carefree life, that fun and enjoyment we had at that time is something really special for everyone. Sad that it never come back again but it always remain special in our life. All we have is memories which stay with us for lifetime.
Here I just tried to put my experiences into words, I hope you all like it.
So without wasting our valuable time let's start ......
एक वक्त था जब हम भी स्कूल जाते थे
ढेर सारी शैतानियाँ हर रोज class में कर आते थे
एक वक्त था जब हम भी स्कूल जाते थे
लंच से पहले ही एक दूसरे का टिफिन मजे से खाते थे
एक वक्त था जब हम भी स्कूल जाते थे
हर शाम school ड्रेस को गंदा करके घर आते थे
एक वक्त था जब हम भी स्कूल जाते थे
अपनी सीट पर सिर्फ अपने बेस्ट फ्रेंड को ही बैठाते थे
एक वक्त था जब हम भी स्कूल जाते थे
टीचर के चले जाने के बाद क्लास में शोर बहुत मचाते थे
एक वक्त था जब हम भी स्कूल जाते थे
अपने crush का नाम तब सबसे छुपाते थे
एक वक्त था जब हम भी स्कूल जाते थे
Maths की क्लास हर रोज miss कर जाते थे
एक वक्त था जब हम भी स्कूल जाते थे
यूं तो स्कूल ना जाने के हजारों बहाने बनाते थे
एक वक्त था जब हम भी स्कूल जाते थे
छोटी मोटी तकरार के बाद मिलकर फिर से एक हो जाते थे
एक वक्त था जब हम भी स्कूल जाते थे
वो छुट्टी वाला इतवार बड़े मजे से मनाते थे
एक वक्त था जब हम भी स्कूल जाते थे
हर teacher को एक secret nickname से बुलाते थे
एक वक्त था जब हम भी स्कूल जाते थे
छुट्टी की उस Bell से ज्यादा शोर हम बच्चे मचाते थे
एक वक्त था जब हम भी स्कूल जाते थे
Punishment से बचने के नए तरीके रोज अपनाते थे
एक वक्त था जब हम भी स्कूल जाते थे
खेलकूद के साथ पढ़ाई में भी खूब मन लगाते थे
एक वक्त था जब हम भी स्कूल जाते थे
दोस्तों को उनकी मम्मी की डांट से भी बचाते थे
एक वक्त था जब हम भी स्कूल जाते थे
Back banch पर बैठकर मजे से नींद भी उड़ाते थे
एक वक्त था जब हम भी स्कूल जाते थे
शरारत में सबके बाप हम कहलाते थे
एक वक्त था जब हम भी स्कूल जाते थे
Late जाने पर सौ बहाने हम बनाते थे
एक वक्त था जब हम भी स्कूल जाते थे
अपनी हर कॉपी के पीछे फालतू सीDrawing हम बनाते थे
एक वक्त था जब हम भी स्कूल जाते थे
Home work करने में सबसे ज्यादा कतराते थे
एक वक्त था जब हम भी स्कूल जाते थे
बारिश में खुद भीगकर अपनी books को बचाते थे
एक वक्त था जब हम भी स्कूल जाते थे
जादुई कहानियों को हकीकत मान जाते थे
एक वक्त था जब हम भी स्कूल जाते थे
हर लम्हा कितनी खुशी से जीये जाते थे
एक वक्त था जब हम भी स्कूल जाते थे
हजार झूठ बोलकर फिर भी सच्चे हम कहलाते थे
एक वक्त था जब हम भी स्कूल जाते थे
अपनी मासूमियत से सबका दिल जीत लाते थे
एक वक्त था जब हम भी स्कूल जाते थे
कितने अनोखे थे वे दिन जिनमें बेफिक्र हम खो जाते थे
दिन भर थक कर रात को चैन से सो जाते थे
वो पल सबसे अच्छे थे जब हम भी स्कूल जाते थे
Jagriti Srivastava
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