मेरी कविताओं की सबसे बड़ी खूबी यह है कि ये मेरे साथ हर दम रहतीे हैं, चाहे मैं दुखी हूं चाहे खुश
मेरी कविताएं मेरा साथ कभी नहीं छोड़ती
ये मुझे कभी अकेला नहीं करती
मैं कविताएं तभी लिखती हूं जब या तो मैं बहुत खुश होती हूं या जब मैं बहुत दुखी होती हूं |
कविताओं के बिना मैं अपनी जिंदगी की कल्पना नहीं कर सकती मैं इनके बिना अधूरी हूं |
मैं दूर जाकर भी हमेशा पास रहूंगी
लफ्जों में जो ना कहीं जाए
वो अनकहा अल्फाज रहूंगी
वह जो चाहकर भी ना भुलाई जाए
मैं हर पल आने वाली वो याद रहूंगी
मैं जो बेचैन दिल को थोड़ी राहत दे जाए
ऐसा कोई एहसास रहूंगी
मैं और कोई नहीं,
लबों की मुस्कुराहट बनकर हरदम साथ रहूंगी
प्यासे मन को जो तर कर जाए
मैं बूंद बूंद बरसी वह बरसात रहूंगी
जिसका जिक्र हर धुन में हो
संगीत की एक ऐसी साज रहूंगी
मैं आंखों के सामने ना होते हुए भी
दुआओं में आबाद रहूंगी
हां बेशक बन जाऊं मैं सितारा आसमान का पर
मुश्किल वक्त में हाथ पकड़कर चलने वाला हमराज रहूंगी
Jagriti Srivastava
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